Wednesday, June 19, 2013

उसने कहा चिड़ी उड़ और वह उड़ गई, उसने कहा बाज उड़ तो वह उड़ गया. इस तरह से वह पेड़, पहाड़, नदी, साइकिल, चप्‍पल, भालू, बंदर.. सबको उड़ाती और बैठाती रही अपने नन्‍हें हाथ से और बड़ा सा आसमान मुंह बाये देखता रहा.. हवा ने भी थम थम के देखा. कहते हैं कि आंगन में खेलती उस बच्‍ची के हाथ में जादू नहीं, निश्‍चल भरोसे की ढेर सारी लकीरे हैं. Save Girl Child&Respect girl

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